UPTET 2016 Paper 2 का Child Development and Pedagogy भाग अभ्यर्थियों की मनोवैज्ञानिक समझ और शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया की गहराई का आकलन करने के लिए बनाया गया था। इस अनुभाग में ऐसे प्रश्न शामिल थे जो बच्चे की संज्ञानात्मक वृद्धि, व्यवहारिक पैटर्न, अभिप्रेरणा, तथा सामाजिक-भावनात्मक विकास से जुड़े सिद्धांतों की व्यावहारिक समझ की मांग करते हैं। यह भाग यह भी जांचता है कि शिक्षक विभिन्न परिस्थितियों में बच्चों की सीखने की आवश्यकता को कैसे पहचानता और पूरा करता है।
इस पेपर के प्रश्न शिक्षण रणनीतियों, अधिगम वातावरण, व्यक्तिगत भिन्नताओं और बाल-केन्द्रित शिक्षा के सिद्धांतों पर केंद्रित थे। शिक्षाशास्त्र के प्रमुख सिद्धांतकार जैसे पियाजे, वात्सन, ब्रूनर और विगोत्स्की से जुड़े विचारों को भी विशेष महत्व दिया गया। इन अवधारणाओं को समझना न केवल परीक्षा के लिए बल्कि वास्तविक कक्षा-प्रबंधन एवं प्रभावी शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया के लिए भी अत्यंत उपयोगी है।
