UPTET 2013 पेपर 2 के Sanskrit – II खंड में अभ्यर्थियों की संस्कृत भाषा की बुनियादी समझ, व्याकरणिक क्षमता तथा अध्यापन कौशल का मूल्यांकन किया गया। प्रश्नों को इस प्रकार तैयार किया गया था कि शिक्षक उम्मीदवारों की भाषा-ज्ञान, शब्द-रचना, धातु रूप, समास-विग्रह और संस्कृत पठन कौशल का वास्तविक परीक्षण हो सके।
इस खंड का मुख्य उद्देश्य यह जानना था कि उम्मीदवार कक्षा 6 से 8 के विद्यार्थियों को संस्कृत विषय कितनी प्रभावी ढंग से पढ़ा सकते हैं। इसी कारण प्रश्नों में भाषा शिक्षण पद्धतियों, पाठ-अधिगम तकनीकों और व्याकरण के व्यवहारिक उपयोग पर विशेष ज़ोर दिया गया। यह भाग शिक्षक की योग्यता और संस्कृत अध्यापन की दक्षता को आंकने का महत्वपूर्ण माध्यम रहा।
